अगर आप रनर हैं तो क्या आप जानते हैं ये आपके प्राइवेट पार्ट्स को कैसे इफेक्ट करते हैं? हां ये सच हैं, लगातार हद से ज्यादा दौड़ने से इसका असर पेनिस और टेस्टिकल (वीर्यकोष) पर पड़ता है। चलिये आगे के स्लाइडों में जानते हैं कि कैसे ये आपके पेनिस पर बुरा असर डालते हैं।

ग्रोन में ब्लड का ब्लो बाधित होने के कारण- एनल्स ऑफ फार्माकोथेरपी के जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार रनिंग के दौरान टाइट शॉर्ट या लेगिंस पहनने से ग्रोन में ब्लो का फ्लो सही तरह से नहीं हो पाता है जिसके कारण टेस्टाइल में दर्द होने लगता है। अगर आपको हद से ज्यादा दर्द हो रहा है अब समय आ गया है आप ये काम करने से रूक जाये।

सूपरचार्ज्ड इरेक्शन- यूथोपियन जर्नल ऑफ हेल्थ साइन्स के जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार रोज या हफ़्तों व्यायाम करने से पेनिस में ब्लड का फ्लो बढ़ जाता है जिससे इरेक्शन सूपरचार्ज हो जाता है। इसलिए बेहतर इरेक्शन के लिए नियमित रूप से दौड़े।

टेस्टिकल पेन- यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के जर्नल में प्रकाशित अध्य्यन के अनुसार स्कोरटम का नस बढ़ जाने के कारण वैरीकोसेल होता है जिसके कारण टेस्टिकल में दर्द होने लगता है। वैसे वेरीकोसेल आनुवांशिक होती है जिसके कारण टेस्टाइल में दर्द होता है।

फर्टिलिटी इंफ्रूव होती है- फर्टिलिटी एंड स्टरलिटी में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार दौंड़ने पर स्पर्म क्वालिटी को बेहतर होता है और फर्टिलिटी इंफ्रूव होती है। यहां तक कि इससे टेस्टास्टरोन का स्तर भी अच्छा होता है।

ज्यादा दौड़ने का पड़ता है असर स्पर्म पर- इंटरनैशनल जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मैगजीन के जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार 67 माइल हफ़्ते में दौड़ने पर 28 प्रतिशत टेस्टास्टरोन का प्रवाह कम हो जाता है यानि स्पर्म का क्वालिटी गिर जाता है।